प्रद्युम्न हत्याकांडः पिता पहुंचे सुप्रीम कोर्ट, खटटर ने कहा कि सीबीआई से होगी जांच

 

नॉर्दर्न झोन हेड फ्रांसिस थॉमस और एचआर हेड पुलिस की हिरासत में

नई दिल्ली। बीते शुक्रवार को गुरुग्राम के रेयान इंटरनेशनल स्कूल के में छात्र प्रद्युम्न ठाकुर (7) की हत्या के मामले में खटटर सरकार ने सीबीआई जांच का आश्वासन दिया है। खबरों के अनुसार मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने पिता से फोन पर बात कर आश्वासन दिया है कि वो सीबीआई या और किसी एजेंसी से जो जांच चाहते हैं उस एजेंसी से जांच कराई जाएगी।

वहीं इस मामले में दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को अर्जी पर सुनवाई करते हुए केंद्र, मानव संसाधन मंत्रालय, हरियाणा सरकार, सीबीआई और सीबीएसई को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने सभी पक्षों से तीन हफ्ते के अंदर जवाब मांगा है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद प्रद्युमन के पिता वरुण ठाकुर ने कहा कि मुझे कोर्ट पर बहुत विश्वास है, इसलिए हम यहां आए थे। जिस तरह से कोर्ट ने एक्शन लिया है, हम खुश हैं।

इसके पूर्व एक्शन में आई खटटर सरकार ने रेयान स्कूल के स्टॉफ पर कार्रवाई करते हुए स्कूल के नॉर्दर्न झोन हेड फ्रांसिस थॉमस और एचआर हेड को पुलिस ने रविवार रात गिरफ्तार कर लिया गया। इसके अलावा स्कूल के सामने मीडिया कर्मियों पर लाठीचार्ज करने के आरोप में सोहना सदर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर अरुण को निलंबित किया गया। इस बीच खबर है कि हरियाणा पुलिस ने एक जांच दल मुंबई पहुंचा जहां वो स्कूल के मालिक से पूछताछ करेगा। पूछताछ के पहले स्कूल के मालिक ने बॉम्बे हाईकोर्ट में अग्रीम जमानत की याचिका दायर कर दी है।

मामले की जांच कर रही एसआईटी ने पूछताछ के लिए स्कूल की पूर्व प्रिंसिपल को बुलाया था लेकिन खबर है कि उनकी तबीयत खराब हो गई है। वहीं एसआईटी अब स्कूल की तीन शिक्षिकाओं से भी पूछताछ करेगी। वहीं इस पूरे मामले में प्रद्युम्न के माता-पिता पहले दिन से ही आरोपी बनाए गए हेल्पर अशोक को मोहरा बनाने की बात कर रहे हैं। प्रद्युम्न के पिता वरुण ठाकुर व मां ज्योति घटना के दिन से ही यह कह रहे हैं कि उनके बेटे की हत्या एक प्लान के तहत की गई। बच्चे ने ऐसा किसी स्कूल स्टाफ को गलत हरकत करते हुए देख लिया था, उसके बाद प्लान बना उसकी हत्या की गई। कत्ल के आरोप में पकड़ा गया हेल्पर मोहरा है।

वहीं इस पूरे मामले में शिक्षिकाओं संदिग्ध भूमिका हैं बताया जाता हैं कि वारदात के बाद साक्ष्य मिटाने का काम किया, वहीं बच्चों से ही बरामदे का खून साफ कराया, हेल्पर अशोक द्वारा हत्या का पता होने पर उसे पुलिस को सौंपने में देर की, हत्या में प्रयुक्त चाकू भी धो दिया, ताकि कातिल के प्रिंगर प्रिंट न मिलें हत्या को पहले ब्लू व्हेल गेम से जोड़ गुमराह करने का प्रयास किया।

इसके अलावा छात्र की मां ज्योति ठाकुर ने जब-जब इस बात का विरोध किया कि उसका बच्चा मोबाइल से दूर रहता था। तब स्कूल की अध्यापिका के सुर बदले। ज्योति का कहना है कि महिला शिक्षिका ने इसके बाद भी कई अभिभावकों को यही बताया कि लगता है बच्चे ने गेम के चक्कर में खुद को मार लिया। बरहाल सुप्रीम कोर्ट के साथ ही हरियाणा सरकार इस मामले में हरकत में आ गई है। इसके बाद अब कहा जाता सकता हैं कि इस मामले में सच बाहर आ सकता है। वहीं हो सकता हैं कि हेल्पर को मोहर बनने की बात सच भी हो सकती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *