ग्रामीणो ने देखा नदी किनारे बिखरे पड़े थे अंडे, और फिर अचानक देखा तो सामने आई ये चीज

लोगों ने बताया कि परियट डेम से लेकर ग्राम झुरझुरू तक करीब तीन सौ मगरमच्छ हैं

भोपाल/जबलपुर।जबलपुर स्थित परियट नदी के किनारे बसे मटामर गांव में मगरमच्छ का कुनबा नजर आने से बस्ती वाले दहशत में आ गए हैं। ग्रामीणों ने देखा की करीब एक दर्जन अंडों से मगरमच्छ के बच्चे निकलकर यहां-वहां भाग रहे हैं। बस्तीवालों ने हिम्मत दिखाते हुए भारी बारिश में छाता उल्टा कर सभी बच्चों को पकड़कर सहेजा और रेत का घरौंदा बनाकर उनका घर बना दिया।

– इस बीच वन विभाग को सूचना दी गई। वन अमले ने वहां पहुंचकर ग्रामीणों से चर्चा की और बच्चों को नदी किनारे ही सुरक्षित स्थान बनाकर छोड़ा गया। इस संबंध में वन्य प्राणी विशेषज्ञ शंकरेंदु नाथ ने बताया कि मटामर ग्राम में नदी के किनारे करीब पांच सौ घरों की बस्ती है। वहां पर लोगों ने मगरमच्छ के बच्चों को बस्ती की ओर आते देखा और उन्हें सूचना दी। सूचना पाकर वे मौके पर पहुंचे और मगरमच्छ के एक दर्जन बच्चों को वन विभाग अमले के हवाले कर दिया।
-वन विभाग के अधिकारियों का कहना था कि मगरमच्छ के इन बच्चों की लंबाई लगभग डेढ़ फीट थी, जिन्हें नदी के किनारे ही छोड़ दिया गया है। रात होने पर उनकी मां उन्हें उठाकर ले जाएगी।
-जानकारों ने बताया कि परियट डेम से लेकर ग्राम झुरझुरू तक करीब तीन सौ मगरमच्छ हैं। हर साल होने वाले प्रजनन से इनकी आबादी बढ़ रही है। मगरमच्छ के बढ़ते कुनबे से परियट नदी से लगे गांव सोनपुर घाना व मटामर में सबसे अधिक दहशत का माहौल रहता है। कई बार मगरमच्छ नदी से बाहर आकर बस्ती में घुस जाते हैं।
-मटामर में नदी के किनारे बसी बस्ती में रहने वाले नेतराम बर्मन ने बताया कि सुबह उनके घर के पास ही मगरमच्छ के बच्चे घूम रहे थे। ऐसे में उनकी मां अगर बच्चों को तलाशती हुई आती तो बस्ती में किसी भी घर में घुस कर सकती थी। ऐसी स्थिति में बड़ा हादसा भी हो सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *